उत्तर प्रदेश विधानसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ 2025 को लेकर बड़ी घोषणा करते हुए एक नाविक की अद्भुत सक्सेस स्टोरी सुनाई। उन्होंने बताया कि 2019 के कुंभ मेले के दौरान एक नाविक ने 45 दिनों में 30 करोड़ रुपये की कमाई की। इस कहानी को सुनकर सदन में मौजूद विधायक और मंत्री भी हैरान रह गए।
क्या है यह सक्सेस स्टोरी?
सीएम योगी ने कहा कि कुंभ मेले ने न सिर्फ आध्यात्मिक महत्व को बढ़ाया, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए आर्थिक समृद्धि के नए अवसर भी खोले। उन्होंने बताया कि प्रयागराज में एक नाविक ने अपनी नावों के जरिए 45 दिनों में 30 करोड़ रुपये कमाए।
सीएम योगी के मुताबिक,
“कुंभ मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देता है। लाखों श्रद्धालु यहां आते हैं, जिससे छोटे व्यापारी, होटल, टेंट सिटी, परिवहन, और नाविकों को जबरदस्त फायदा होता है।”
कैसे हुई इतनी बड़ी कमाई?
- महाकुंभ 2019 के दौरान 40 करोड़ से अधिक श्रद्धालु गंगा स्नान करने आए थे।
- बड़ी संख्या में लोगों ने नावों का उपयोग संगम तक पहुंचने के लिए किया।
- एक नाविक ने लगभग 50 नावों का संचालन किया, जिससे हर दिन लाखों की कमाई हुई।
- विदेशी श्रद्धालु और वीआईपी टूरिस्ट्स ने विशेष बोटिंग सेवाओं का उपयोग किया, जिससे उनकी आय और बढ़ गई।
महाकुंभ 2025 में और बढ़ेगा रोजगार
सीएम योगी ने कहा कि महाकुंभ 2025 को लेकर सरकार पूरी तरह तैयार है। इस आयोजन से लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रयागराज में इस बार महाकुंभ का आयोजन और भी भव्य होगा, जिससे स्थानीय लोगों को आर्थिक रूप से बड़ा फायदा होगा।
सरकार की तैयारी और योजनाएं
- पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजनाएं लागू की जा रही हैं।
- नाविकों, होटल व्यवसायियों, गाइड्स और अन्य छोटे व्यापारियों को ट्रेनिंग दी जा रही है।
- महाकुंभ 2025 के लिए बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वच्छता और सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
बड़ी संख्या में टूरिस्ट्स की उम्मीद
योगी सरकार को उम्मीद है कि महाकुंभ 2025 में 50 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु और पर्यटक शामिल होंगे। इससे राज्य की अर्थव्यवस्था को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा और नाविकों, होटल मालिकों, दुकानदारों समेत कई छोटे व्यापारियों को बड़ा मुनाफा होगा।
महाकुंभ – सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि रोजगार का महाकुंभ!
सीएम योगी की यह कहानी बताती है कि महाकुंभ सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आर्थिक अवसरों का भी केंद्र है। सरकार की कोशिश है कि 2025 का महाकुंभ और भी भव्य हो और स्थानीय व्यापारियों को अधिकतम फायदा मिले।
क्या महाकुंभ 2025 में फिर कोई नाविक करोड़पति बनेगा? यह देखना दिलचस्प होगा!