झारखंड पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। कुख्यात गैंगस्टर अमन साहू को पुलिस ने पलामू जिले में एनकाउंटर में मार गिराया। अमन साहू को रायपुर से रांची लाने के दौरान पुलिस और उसके गैंग के बीच मुठभेड़ हो गई, जिसमें वह ढेर हो गया।
अमन साहू कौन था?
अमन साहू झारखंड का मोस्ट वांटेड अपराधी था, जो हत्या, रंगदारी, फिरौती, और संगठित अपराध में शामिल था। उसने कोयला, बालू और ठेकेदारी माफिया के साथ मिलकर एक बड़ा अपराध सिंडिकेट खड़ा कर रखा था।
कैसे हुआ एनकाउंटर?
पुलिस सूत्रों के अनुसार, अमन साहू को छत्तीसगढ़ के रायपुर में गिरफ्तार किया गया था। जब उसे रांची लाया जा रहा था, तभी पलामू में उसके गुर्गों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने फायरिंग की, जिसमें अमन साहू को गोलियां लगीं और वह मौके पर ही ढेर हो गया।
अमन साहू के खिलाफ दर्ज मामले
- हत्या और लूट के 20 से ज्यादा केस।
- कोयला और बालू व्यापार से अवैध उगाही।
- राजनेताओं और व्यापारियों से फिरौती की मांग।
- पुलिस पर हमले और गवाहों को धमकाने के मामले।
पुलिस का बयान
झारखंड पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा:
“अमन साहू का अंत झारखंड में संगठित अपराध के खिलाफ हमारी सबसे बड़ी सफलता में से एक है। अब उसके गैंग के अन्य सदस्यों पर भी कार्रवाई की जाएगी।”
एनकाउंटर के बाद क्या होगा?
- पुलिस अब अमन साहू गैंग के अन्य गुर्गों को तलाश रही है।
- झारखंड-बिहार में गैंग की संपत्तियों की जांच की जाएगी।
- सरकार ने कहा कि अवैध माफिया और अपराधियों पर शिकंजा कसा जाएगा।
निष्कर्ष
गैंगस्टर अमन साहू की मौत से झारखंड में अपराध जगत में खलबली मच गई है। पुलिस इस मुठभेड़ को एक बड़ी जीत मान रही है। अब सवाल यह है कि झारखंड में अपराध खत्म होंगे या नया गैंग सामने आएगा?
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